कावड़ यात्रा में जूता पहने दिखे सीएम तो बीजेपी ने कहा धर्म का अपमान, कांग्रेस का पलटवार ‘जब टिका मिटाया था तो नहीं याद आया धर्म’

रायपुर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कावड़ यात्रा में शामिल होने से एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सावन के आखरी सोमवार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के साथ कावड़ यात्रा में शामिल हुए थे जिसमे वे कंधे में कावड़ लेकर निकले थे। कावड़ लेकर जाते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का वीडियो वायरल होने पर बीजेपी ने जूता पहनकर कावड़ यात्रा में शामिल होने का आरोप लगाया है।

दरअसल मुख्यमत्री बघेल और गृह मंत्री कावड़ यात्रा के दौरान जूता पहने हुए थे जिस पर बीजेपी ने आपत्ति की है। बीजेपी प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि

“जूता या चप्पल पहनकर कावड़यात्रा करना भगवन का अपमान करना है। मुख्यमंत्री को न तो आयोजकों ने जूता उतरने कहा न ही उन्होंने खुद उतारा। सीएम धरा 370 हटाने के बाद सॉफ्ट हिंदुत्व की राजनीति कर रहे है। ”

बीजेपी के आरोपों को कांग्रेस ने गलत मानसिकता बताया। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि

“कावड़ यात्रा में जूता या चप्पल पहनने की कोई मनाही नहीं है, बीजेपी को खुद अपने गिरेबान में झाकना चाहिए। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने माँ बम्लेश्वरी मंदिर में पुजारी द्वारा लगाए गए टिका को जब मिटाया था तब इन्हे धर्म नहीं दिखा। 15 सालो तक मुख्यमंत्री रमन सिंह कभी किसी धार्मिक यात्रा में शामिल नहीं हुए,अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हो रहे तब उन्हें परेशानी हो रही है।”

सावन के आखरी सोमवार विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में हजारो की संख्या में महिलाओ और पुरुषो ने समता कालोनी से कावड़ यात्रा निकाला था ज,जिसमे सीएम भूपेश गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कुलदीप जुनेजा सत्यनारायण शर्मा प्रमोद दुबे समेत कोंग्रेसी नेता शामिल हुए थे। समेत था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सामाजिक के साथ साथ धार्मिक त्योहारों पर शामिल हो रहे है, छोटे त्योहारों इस बात को झुटलाया नहीं जा सकता की १५ सालो तक मुख्यमंत्री रहते डॉ रमन सिंह ने हरेली तिहार, आदिवासी दिवस और कावड़ यात्रा को नहीं दी ।

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