ब्रेकिंग: अंतागढ़ टेपकांड में डॉ रमन, अजीत जोगी,अमित जोगी शामिल..मूणत के बंगले में हुई थी पैसों की डील- मंतूराम

रायपुर– चार साल पुराने अंतागढ़ टेपकांड में शनिवार को मंतूराम पावर ने बड़ा खुलासा किया है। मंतूराम पवार ने कोर्ट में दिए लिखित बयान में कहा कि चुनाव से नाम वापस लेने साढ़े 7 करोड़ रुपए में डील हुई थी। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह अजीत जोगी अमित जोगी और राजेश मूणत शामिल थे। पैसा की डील पूर्व मंत्री राजेश मूणत के बंगले में हुई थी। मंतूराम पवार के इस खुलासे के बाद राजनीती एक बार फिर गरमा गई है।

मंतूराम पवार ने अपने लिखित बयान मे पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह का नाम लिया है ऐसे में डॉ रमन सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती है। इसी मामले में पंडरी थाने में कांग्रेस नेत्री किरणमयी नायक की रिपोर्ट पर अजीत जोगी,अमित जोगी, राजेश मूणत, डॉ पुनीत गुप्ता और मंतूराम पवार पर धारा आईपीसी 1860 की धारा 406, 420 171-ई, 171-एफ, 120-बी के तहत मामला दर्ज है। मंतूराम पवार के बयान के बाद डॉ रमन भी कानून के घेरे में आ सकते है।

क्या है अंतागढ़ मामला – वर्ष 2014 में अंतागढ़ विधानसभा के विधायक रहे विक्रम उसेंडी के सांसद बनने से सीट खाली हुई जिस पर उपचुनाव हुई। जिस पर बीजेपी ने भोजराज नाग और कांग्रेस ने मंतूराम पवार को उम्मीदवार बनाया था। नाम वापसी के 15मिनट पहले ही मंतूराम पवार ने अपना नाम वापस ले लिया था, जिससे कांग्रेस का कोई भी प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ सका और अंबेडकराइट पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन दिया था। चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार ने एकतरफा जीत दर्ज किया था।

विपक्ष में रहे कांग्रेस और तत्कालीन पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया था और जांच की मांग की थी। बीजेपी सरकार में जांच हुई पर कार्यवाही ना हो सकी। सत्ता में आते ही भूपेश बघेल ने एसआईटी गठित कर जांच बिठाई।

डॉ रमन की मुश्किलें बढ़ेगी – मंतूराम पवार ने बीजेपी के सत्ता में रहते बीजेपी का साथ दिया। बीजेपी सरकार ने उसे सुरक्षा मुहैया कराया। मंतूराम पवार बिना डॉ रमन से पूछे एसआईटी को बयान तक नहीं देते थे और अब डॉ रमन के खिलाफ बयान दिया है। ऐसे में डॉ रमन सिंह की मुश्किलें बढ़ेगी।

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